राम कृष्ण वाधवा (Ram Krishan Wadhwa)

राम कृष्ण वाधवा (Ram Krishan Wadhwa)

Category:

  • प्रेरणास्रोत (Inspirational Figure)
  • सीमा सुरक्षा बल (BSF)
  • वीरता वीर (Gallantry Hero)

Biography

Date of Birth: 10-11-1940

Death Anniversary: 11-12-1971

Summary

राम कृष्ण वाधवा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के असिस्टेंट कमांडेंट थे। उन्होंने 1971 के भारत–पाक युद्ध में पंजाब के राजा मोहतम पोस्ट पर दुश्मन को रोकने के लिए अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। मरणोपरांत उन्हें महावीर चक्र, भारत का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान, प्रदान किया गया।

Description

  1. मि़लिट्री भूमिका और कार्यवाही
    दिसंबर 1971 में, वाधवा की तैनाती BSF की 31वीं बटालियन में थी, जो पंजाब में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात थी। उन्हें राजा मोहतम पोस्ट को दुश्मन से पुनः प्राप्त करने का आदेश मिला।
  2. रणनीति और बहादुरी का परिचय
    7
    दिसंबर को दो पलटन के साथ हमला करते हुए, वाधवा ने पाकिस्तानी बलूच रेजिमेंट की कंपनी को तीन घंटे की लड़ाई में विस्थापित कर पोस्ट वापस हासिल किया। तीन दिन बाद दुश्मन की बड़ी बटालियन ने फिर से हमला किया — यह पोस्ट बाख़ूबी बचाया। अंततः 11 दिसंबर को भारी गोलीबारी के बीच घायल वाधवा ने अपनी अंतिम सांस तक नेतृत्व जारी रखा।
  3. सम्मान और स्मरण दिवस
    इस अदम्य साहस के लिए 1972 में उन्हें महावीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। राजा मोहतम पोस्ट पर हर वर्ष 11 दिसंबर को शहादत दिवस मनाकर उनका बलिदान याद किया जाता है।
  4. आधिकारिक प्रशंसा (Citation)
    वाधवा ने खतरनाक बमबारी और घातक फायरिंग के बावजूद अपने साथियों को प्रेरित करते हुए दुश्मन को पीछे हटाया। ट्रेंच से ट्रेंच तक … उन्होंने अपना साहस दिखाया और अपने जीवन की आहूति देते हुए जीत सुनिश्चित की।”

Known For

  1. राजा मोहतम पोस्ट पर बहादुरीपूर्ण नेतृत्व और दुश्मन पर विजय।
  2. बीएसएफ का पहला महावीर चक्र प्राप्तकर्ता शहीद बनना।
  3. अंतिम सांस तक अपने साथियों का मनोबल बनाए रखना।