रमेश सिंह अरोड़ा (Ramesh Singh Arora)

रमेश सिंह अरोड़ा (Ramesh Singh Arora)

Category:

  • समाजसेवी(Social Worker)
  • राजनेता (Politician)

Biography

Date of Birth: 11-10-1974

Birth Place: ननकाना साहिब, पंजाब, पाकिस्तान

Summary

सरदार रमेश सिंह अरोड़ा एक प्रतिष्ठित पाकिस्तानी "राजनीतिज्ञ" और "समाजसेवी" हैं। वे पंजाब विधानसभा के "पहले सिख विधायक (MPA)" और बाद में "प्रांतीय मंत्री" बने। उन्होंने विविध "सामाजिक एवं "मानवाधिकार" अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Description

  1. शिक्षा एवं प्रारंभिक करियर:
    गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी, लाहौर से उद्यमिता और SME प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विश्व बैंक के गरीबी निवारण कार्यक्रम (Poverty Reduction Programme) में कार्य किया।
  2. समाज सेवा:
    2008
    में Mojaz Foundation” की स्थापना की—वंचितों के उत्थान के लिए एक सामाजिक पहल।
  3. पार्लियामेंटरी करियर:
    1. 2011–2013: "National Commission for Minorities" के सदस्य।
    2. 2013: पहले सिख विधायक बने; Standing Committee on Commerce & Investment (2014–17) और Human Rights & Minorities Affairs (2017–18) के अध्यक्ष रहे।
  4. न्यायिक उपलब्धियां:
    2017
    में पेश किए गए Sikh Marriage Registration Act” बिल के माध्यम से पाकिस्तान को पहला ऐसा देश बनाने में मदद की जहाँ सिख विवाह पंजीकरण कानून के तहत कानूनी मान्यता प्राप्त हैं।
  5. राजनीतिक नेतृत्व:
    • पाकिस्तान "सिख गुरुद्वारा" प्रबंधक समिति (PSGPC) के अध्यक्ष चुने गए।
    • 2023 में भारत–पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर के “अम्बेसडर-एट-लार्ज” नियुक्त।
  6. मंत्री पद:
    मार्च 2024 में पंजाब सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के लिए मंत्री बने—पाकिस्तान के इतिहास में "पहले सिख" जो इस पद पर पहुंचे।
  7. सम्मान व अंतर्राष्ट्रीय सम्मान:
    2016
    में पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय "मानवाधिकार पुरस्कार (National Human Rights Award)"
    मार्च 2024 में उन्हें "Sitar-e-Imtiaz" से भी सम्मानित किया गया।

Known For

  1. पाकिस्तान के "पहले सिख विधायक" और बाद में "पहले सिख मंत्री" बनने के लिए।
  2. सिख समुदाय की कानूनी अधिकारों और "विवाह पंजीकरण" सुनिश्चित करने में मौलिक भूमिका।
  3. गरीबों एवं अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सामाजिक कार्य—"Mojaz Foundation" जैसे अभियानों के माध्यम से।
  4. "PSGPC" के प्रमुख और करतारपुर कॉरिडोर के "जन प्रतिनिधि" के रूप में योगदान।