जस्टिस मेहर चंद महाजन (Justice Mehar Chand Mahajan)

जस्टिस मेहर चंद महाजन (Justice Mehar Chand Mahajan)

Category:

  • राजनीति (Politics)
  • विधि/न्याय (Law & Judiciary)
  • समाजसेवी(Social Worker)

Biography

Date of Birth: 23-12-1889

Birth Place: तलवंडी, गुर्जरांवाला जिला (अब पाकिस्तान में)

Death Anniversary: 17-12-1967

Summary

जस्टिस मेहर चंद महाजन (Justice Mehar Chand Mahajan ) भारत के प्रसिद्ध न्यायविद, राजनेता और स्वतंत्र भारत (Independent India )के तीसरे मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) थे। वे जम्मू-कश्मीर(Jammu and Kashmir) के पहले प्रधानमंत्री (Prime Minister) भी रहे और उन्होंने भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय (Accession to India) में अहम भूमिका निभाई।

Description

जस्टिस मेहर चंद महाजन  (Justice Mehar Chand Mahajan ) का जन्म 23 दिसंबर 1889 को गुर्जरांवाला ज़िले के तलवंडी गाँव (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनके पिता लल्ला नंद लाल महाजन एक विद्वान और समाजसेवी थे। प्रारंभिक शिक्षा लाहौर में हुई और फिर उन्होंने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज (Government College )से स्नातक और कानून की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 1913 में कानून की प्रैक्टिस शुरू की और शीघ्र ही पंजाब (Punjab)के प्रमुख वकीलों में गिने जाने लगे।स्वतंत्रता के बाद 1947 में महाराजा हरि सिंह (Maharaja Hari Singh )ने उन्हें जम्मू-कश्मीर का प्रधानमंत्री नियुक्त किया। उन्होंने उसी वर्ष जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। में वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और 4 जनवरी 1954 से 22 दिसंबर 1954 तक भारत के तीसरे मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) रहे। न्याय क्षेत्र में उनका दृष्टिकोण निष्पक्ष, व्यावहारिक और राष्ट्रीय भावना से प्रेरित था उन्होंनेशिक्षा(Education) न्याय और प्रशासनिक सुधार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। 17 दिसंबर 1967 को उनका निधन हुआ।

Known For

  • 1 भारत के तीसरे मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में सेवा।
  • 2 जम्मू-कश्मीर के पहले प्रधानमंत्री (Prime Minister )होने के नाते राज्य के भारत में विलय में            निर्णायक भूमिका।
  • 3 स्वतंत्र भारत की न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने में योगदान।
  • 4 शिक्षा और समाज(Education and society) सुधार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका।