गुरु तेग बहादुर सिंह जी (Guru Tegh Bahadur Ji – 9th Sikh Guru)

गुरु तेग बहादुर सिंह जी (Guru Tegh Bahadur Ji – 9th Sikh Guru)

Category:

  • धर्म (Religion)
  • अध्यात्म (Spirituality)
  • समाज सुधारक (Social Reformer)

Biography

Date of Birth: 01-04-1621

Birth Place: अमृतसर, पंजाब, भारत

Death Anniversary: 11-11-1675

Summary

गुरु तेग बहादुर जी (Guru Tegh Bahadur Ji) सिख धर्म के नौवें गुरु (9th Sikh Guru of Sikhism) थे। उन्हें “हिंद की चादर” (Hind Di Chadar) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने हिंदू धर्म (Hindu Religion) और धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। गुरु तेग बहादुर जी ने हमेशा सच्चाई (Truth), धर्म (Righteousness) और मानवता (Humanity) की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

Description

गुरु तेग बहादुर जी (Guru Tegh Bahadur Ji Biography in Hindi) का जन्म 1 अप्रैल 1621 को अमृतसर, पंजाब (Amritsar, Punjab) में हुआ। वे गुरु हरगोबिंद सिंह जी (Guru Hargobind Ji) और माता नानकी जी के सुपुत्र थे।

गुरु तेग बहादुर जी ने कम उम्र से ही आध्यात्मिक साधना (Spiritual Meditation) और पराक्रम (Bravery) का जीवन जिया।
1664 में वे सिख धर्म के नौवें गुरु (9th Sikh Guru) बने।
उन्होंने भारत भर में धर्मप्रचार किया और लोगों को सत्य, धैर्य और ईमानदारी का संदेश दिया। औरंगजेब के शासनकाल में जब कश्मीरी पंडितों पर जबरन धर्मांतरण (Forced Conversions) का संकट आया, तब गुरु तेग बहादुर जी उनके पक्ष में खड़े हुए।

शहादत (Martyrdom of Guru Tegh Bahadur Ji)
11 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक (Chandni Chowk, Delhi) पर गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवाधिकार की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनकी महान शहादत के कारण उन्हें “हिंद की चादर (Hind Di Chadar)” कहा जाता है।

आज उनकी स्मृति में गुरुद्वारा शीश गंज साहिब (Gurdwara Sis Ganj Sahib Delhi) और गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब (Gurdwara Rakab Ganj Sahib Delhi) स्थित हैं।

Known For

➤  नौवें सिख गुरु (9th Sikh Guru)

➤  "हिंद की चादर" (Protector of Hind)

➤  धार्मिक स्वतंत्रता के लिए बलिदान

➤  औरंगजेब के जुल्मों के विरुद्ध संघर्ष

➤  सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा