राकेश खुराना (Rakesh Khurana)

राकेश खुराना (Rakesh Khurana)

Category:

  • लेखक (Author)
  • शिक्षाविद (Academician)
  • समाजशास्त्री (Sociologist)
  • विश्वविद्यालय प्रशासक (University Administrator "Dean")

Biography

Date of Birth: 22-11-1967

Birth Place: भारत में जन्मे, बाद में न्यूयॉर्क के क्वीन्‍स में पले-बढ़े।

Summary

राकेश खुराना एक भारतीय-नजो़री अमेरिकी शिक्षाविद हैं। वे हार्वर्ड विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र (Sociology) के प्रोफेसर तथा हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में नेतृत्व विकास (Leadership Development) के Marvin Bower प्रोफेसर हैं। साथ ही, वे 1 जुलाई 2014 से 2025 तक Dean of Harvard College के रूप में कार्यरत रहे।

Description

  1. शैक्षणिक पृष्ठभूमि
    1. B.S. – Industrial Relations, Cornell University
    2. M.A. – Sociology, Harvard University (1997)
    3. Ph.D. – Organizational Behaviour, Harvard (1998) (HBS + FAS संयुक्त कार्यक्रम)
  2. प्रारंभिक करियर
    1. Cambridge Technology Partners के स्थापना दल में सम्मिलित
    2. MIT में 1998–2000 तक अध्यापन कार्य
  3. हार्वर्ड में योगदान
    1. Harvard Business School में 2000 में शामिल — बाद में Marvin Bower Professor बने (2008)
    2. 2010 से Cabot House के मास्टर (Faculty Dean) अपनी पत्नी Stephanie के साथ।
    3. 1 जुलाई 2014 से 2025 तक Harvard College के Dean रहे; 2025 में उन्होंने पद छोड़ते हुए शिक्षण में वापसी की घोषणा की।
  4. अनुसंधान और प्रकाशन
    1. CEO श्रम बाजार, नेतृत्व विकास, व्यापार शिक्षा पर शोध
    2. पुस्तकें:
      1. Searching for a Corporate Savior (2002)
      2. From Higher Aims to Hired Hands (2007) — Max Weber Book Award, Axiom Business Book Award आदि
      3. Handbook for Leadership Theory and Practice (2010)
      4. The Handbook for Teaching Leadership (2012)
  5. शिक्षण और पुरस्कार
    1. Charles M. Williams Award (2008, 2012) — Teaching Excellence
    2. Harvard policy committees—Academic Integrity, Alcohol Policy, privacy etc. में सक्रिय भूमिका

Known For

  1. सैद्धांतिक और व्यवहारिक नेतृत्व संचालन में वैश्विक दृष्टिकोण
  2. Harvard College का लम्बा, परिवर्तनकारी डीन के रूप में सेवा
  3. किताबें और शोध जिन्होंने व्यापार शिक्षा के स्वरूप पर व्यापक प्रभाव डाला