Category:
- समाजसेवी(Social Worker)
Biography
Date of Birth: 1930
Birth Place: पेशावर, ब्रिटिश भारत (वर्तमान पाकिस्तान)
Death Anniversary: 29-11-2021
Summary
- जगदीश लाल आहुजा, (Jagdish Lal Ahuja) जिन्हें 'लंगर बाबा' (Langer Baba)के नाम से जाना जाता है, चंडीगढ़(Chandighar) के एक प्रसिद्ध समाजसेवी (Social Worker)थे।
- उन्होंने 2000 से 2021 तक प्रतिदिन लगभग 2,500 गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों को मुफ्त भोजन प्रदान किया। उन्होंने अपनी 45 एकड़ कृषि भूमि, एक तीन मंजिलामकान और अन्य संपत्तियाँ बेचकर इस नेक कार्य के लिए धन जुटाया।
- उन्हें 2020 में पद्म श्री(Padma Shri) से सम्मानित किया गया।
Description
जगदीश लाल आहुजा (Jagdish Lal Ahuja) का जन्म 1930 के दशक में पेशावर, ब्रिटिश भारत (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। विभाजन के समय, वे 12 वर्ष की आयु में अपने परिवार के साथ भारत आ गए। प्रारंभ में, उन्होंने मंसा रेलवे स्टेशन पर कुछ सप्ताह बिताए और बाद में पटियाला (Patiala)में बर्फी और केले बेचने का कार्य शुरू किया। 1956 में, वे चंडीगढ़(Chandighar) में बस गए और केले बेचने का व्यवसाय शुरू किया।
1981 में, उन्होंने समाज सेवा की दिशा में कदम बढ़ाया और चंडीगढ़(Chandighar) में विभिन्न स्थानों पर लंगर (सामुदायिक रसोई) आयोजित करना शुरू किया। 2000 में, उन्होंने पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के बाहर लंगर सेवा शुरू की। यह सेवा प्रतिदिन दोपहर और शाम को होती थी, जिसमें दाल, रोटी, चावल, हलवा और केला प्रदान किया जाता था। कैंसर मरीजों को बिस्किट और बच्चों को टॉफी, गुब्बारे भी दिए जाते थे।
उन्होंने अपनी सात संपत्तियाँ, जिनमें 45 एकड़ कृषि भूमि और एक तीन मंजिला मकान शामिल हैं, बेचकर इस सेवा के लिए धन जुटाया। उन्होंने कभी भी किसी से दान स्वीकार नहीं किया और अपनी पूरी सेवा स्वयं के संसाधनों से चलाते रहे।
उनकी मृत्यु 29 नवंबर 2021 को हुई, लेकिन उनकी इच्छा के अनुसार, उनकी मृत्यु के दिन भी लंगर सेवा जारी रही।
Known For
- 2000 से 2021 तक प्रतिदिन 2,500 से अधिक लोगों को मुफ्त भोजन प्रदान करना।
- अपनी संपत्तियाँ बेचकर लंगर सेवा के लिए धन जुटाना।
- कैंसर(Cancer) के बावजूद समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहना।
- 2020 में पद्म श्री से सम्मानित होना।